वैदिककोषः

Vedic-Kosha

Sanskrit-Hindi Aarsh(आर्ष)
Availability: In Stock
₹ 800
Quantity
  • By : Acharya Rajveer Shastri
  • Subject : Vedic words Dictionary
  • Category : Kosha
  • Edition : N/A
  • Publishing Year : N/A
  • SKU# : N/A
  • ISBN# : N/A
  • Packing : N/A
  • Pages : N/A
  • Binding : Hard Cover
  • Dimentions : N/A
  • Weight : N/A

Keywords : Vedas Kosha

वैदिककोषः
https://static.xx.fbcdn.net/images/emoji.php/v9/f24/1.5/16/270d_1f3fb.png 🏻 राजवीर शास्त्री

https://static.xx.fbcdn.net/images/emoji.php/v9/ff4/1.5/16/2600.png  ग्रंथ परिचय https://static.xx.fbcdn.net/images/emoji.php/v9/ff4/1.5/16/2600.png
वैदिक - कोष ' की प्रमुख विशेषताएँ

( १ ) महर्षि दयानन्द ने जो वैदिक पदों का विशेष अर्थ किये हैं , जिनसे वेदों का सत्यार्थ विशेषरूप में आता है , उनको दिखाया गया है ।

( २ ) वैदिक पदों की व्याख्या व्याकरण , निरुत्त तथा ब्राह्मण ग्रन्थों में ऋषियों ने स्पष्ट किया है , उसको दिखाया गया है । यह कार्य गुरुकुल कांगड़ी के आचार्य पं० चमूपति ने वैदिक - कोष में प्रकाशति किया था । उसी शैली में इस वैदिक - कोष को देखकर विद्वद्गण बहुत प्रभावित हुए थे । मुझे स्वामी दीक्षानन्द जी ने यह बड़े हर्ष से कहा था कि आर्ष साहित्य प्रचार ट्रस्ट का यह अद्भुत प्रकाशन है । विद्वानों को यह अमूल्य ग्रन्थ सम्मानपूर्वक भेंट में भी लाला जी ने दिया था ।

( ३ ) वैदिक पदों के अर्थ जानने के लिए विशेषण - विशेष्य का जाना अत्यन्त आवश्यक होता है । और यह कार्य अत्यन्त दुरूह होने पर भी इसे कोष के सहयोग से पाठकों के लिए बहुत सुबोध हो जायेगा । इससे पूर्व के सायणादि के भाष्यों में मन्त्रों में वर्णित रूपक , उपम आदि अलंकारों का स्पष्टीकरण नहीं होता था , यह इस कोष के सहयोग से सुगम हो सकेगा ।

( ४ ) इसी प्रकार वैदिक पदों के सन्दिग्ध एवं अस्पष्ट होने से पाठक सन्देह में रहता था कि मंत्र में ईश्वर , जीवात्मा और प्रकृति का कहाँ - कहाँ वर्णन किया गया है । इस वैदिक - कोषसे यह सरल , सुगम हो सकेगा ।

( ५ ) महर्षि दयानन्द के वेदभाष्य में यह भी स्पष्ट होता है कि मन्त्र का व्याख्या निरूक ब्राह्मण आदि ग्रन्थों में कहाँ - कहाँ की है ।

( ६ ) इस वैदिक - कोष से यह भी स्पष्ट हो जायेगा कि अविद्या आदि पदों को समझने में आदि शंकराचार्य को जो भ्रान्ति हुई , वह प्रभु को न होगी जैसे अविद्यया मृत्युं तीर्त्वा विद्यायामृतमश्चुतेमन्त्र में अविद्या से मृत्यु को कैसे तर सकता है । इत्यादि बातें इस वैदिक - कोष से जानी जा सकती है ।

( यह पुस्तक आप https://www.vedrishi.com/ से घर बैंठे प्राप्त कर सकते है)

वैदिककोषः
https://static.xx.fbcdn.net/images/emoji.php/v9/f24/1.5/16/270d_1f3fb.png 🏻 राजवीर शास्त्री

https://static.xx.fbcdn.net/images/emoji.php/v9/ff4/1.5/16/2600.png  ग्रंथ परिचय https://static.xx.fbcdn.net/images/emoji.php/v9/ff4/1.5/16/2600.png
वैदिक - कोष ' की प्रमुख विशेषताएँ

( १ ) महर्षि दयानन्द ने जो वैदिक पदों का विशेष अर्थ किये हैं , जिनसे वेदों का सत्यार्थ विशेषरूप में आता है , उनको दिखाया गया है ।

( २ ) वैदिक पदों की व्याख्या व्याकरण , निरुत्त तथा ब्राह्मण ग्रन्थों में ऋषियों ने स्पष्ट किया है , उसको दिखाया गया है । यह कार्य गुरुकुल कांगड़ी के आचार्य पं० चमूपति ने वैदिक - कोष में प्रकाशति किया था । उसी शैली में इस वैदिक - कोष को देखकर विद्वद्गण बहुत प्रभावित हुए थे । मुझे स्वामी दीक्षानन्द जी ने यह बड़े हर्ष से कहा था कि आर्ष साहित्य प्रचार ट्रस्ट का यह अद्भुत प्रकाशन है । विद्वानों को यह अमूल्य ग्रन्थ सम्मानपूर्वक भेंट में भी लाला जी ने दिया था ।

( ३ ) वैदिक पदों के अर्थ जानने के लिए विशेषण - विशेष्य का जाना अत्यन्त आवश्यक होता है । और यह कार्य अत्यन्त दुरूह होने पर भी इसे कोष के सहयोग से पाठकों के लिए बहुत सुबोध हो जायेगा । इससे पूर्व के सायणादि के भाष्यों में मन्त्रों में वर्णित रूपक , उपम आदि अलंकारों का स्पष्टीकरण नहीं होता था , यह इस कोष के सहयोग से सुगम हो सकेगा ।

( ४ ) इसी प्रकार वैदिक पदों के सन्दिग्ध एवं अस्पष्ट होने से पाठक सन्देह में रहता था कि मंत्र में ईश्वर , जीवात्मा और प्रकृति का कहाँ - कहाँ वर्णन किया गया है । इस वैदिक - कोषसे यह सरल , सुगम हो सकेगा ।

( ५ ) महर्षि दयानन्द के वेदभाष्य में यह भी स्पष्ट होता है कि मन्त्र का व्याख्या निरूक ब्राह्मण आदि ग्रन्थों में कहाँ - कहाँ की है ।

( ६ ) इस वैदिक - कोष से यह भी स्पष्ट हो जायेगा कि अविद्या आदि पदों को समझने में आदि शंकराचार्य को जो भ्रान्ति हुई , वह प्रभु को न होगी जैसे अविद्यया मृत्युं तीर्त्वा विद्यायामृतमश्चुतेमन्त्र में अविद्या से मृत्यु को कैसे तर सकता है । इत्यादि बातें इस वैदिक - कोष से जानी जा सकती है ।

( यह पुस्तक आप https://www.vedrishi.com/ से घर बैंठे प्राप्त कर सकते है)

 

Related products